एएसबीए के विशेषताएं एवं दिशानिर्देश

एएसबीए

1 सितम्बर, 2008 से भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अवरूद्ध राशि समर्थित एप्लिकेशन (एएसबीए) योजना शुरू की है। एएसबीए एक ऐसा एप्लिकेशन है जिसमें बैंक खाता में रखी गई आवेदित राशि को अवरूद्ध करने का प्राधिकार निहित रहता है ताकि उससे सार्वजनिक/अधिकार निर्गमों की खरीद की जा सके।

ई-एएसबीए

बैंक ने अपने इंटरनेट बैंकिंग ग्राहकों के लिए एक नए बाधारहित समाधान ई-एएसबीए को कार्यान्‌वित किया है। बचत बैंक एवं चालू खातों की निधि का उपयोग द्वारा, आईपीओ हेतु ऑनलाइन आवेदन करने का यह एक सरल एवं आसान तरीका है।

मुख्य विश्षताएं

  • एक निवेशकर्ता प्रति खाता अलग व्यक्तिगत ब्योरे के साथ केवल 5 ही बार एक आईपीओ हेतु आवेदन कर सकता है। जितनी बार आईपीओ खुले हों उतनी बार आवेदन किया जा सकता है।

  • बोली विकल्पों की उच्चतम राशि एप्लिकेशन में निर्दिष्ट अवरूद्ध राशि होगी (प्रति शेयर मूल्य से शेयर संख्या का गुणा, निर्धारित कीमत के मामले में अधिकतम राशि, जैसी भी स्थिति हो)।

  • राशि तभी नामे होगी जब आवंटन किया गया हो। राशि खाता में अवरूद्ध रहेगी और इस अवधि में अवरूद्ध राशि पर ब्याज मिलता रहेगा।

  • बोली पर अधिकतम कीमत की अनुमति उसी स्थिति में मिलेगी जब एप्लिकेशन की कुल राशि (मात्रा x कीमत) रू. 200000/- से कम या बराबर होगी।

  • एएसबीए सुविधा उपयोगकर्ता या ई-बैंकिंग उपयोगकर्ता को शेयर आवंटित किए जाने के संबंध में, बैंक किसी भी प्रश्न/शिकायत पर विचार नहीं करेगा। बैंक केवल अपने ग्रहकों को एएसबीए सुविधा प्रदान करता है।

  • आवेदन प्राइस बैंड के भीतर एवं आवेदन वापस लेने के अधिकार के साथ किया जाएगा। निवेशक का हमारे बैंक की किसी भी शाखा में ई-बैंकिंग (व्यक्तिक) सुविधा वाला एक खाता (बचत एवं चालू खाता) अवश्य होना चाहिए।


मुम्बई स्टॉक एक्सचेंज द्वारा प्रदत्त एसबीए ई-फार्म के लिए यहाँ क्लिक करें।


राष्ट्रीय स्टॉक एस्क्चेंज द्वारा प्रदत्त एएसबीए ई-फार्म के लिए यहाँ क्लिक करें।